डरहम के खिलाफ शॉट लगाते शतकवीर डॉम सिबली
Cricket News Today: इंग्लैंड की काउंटी क्रिकेट में सोमवार (30 जून) को एक ऐतिहासिक और रोमांचक नजारा देखने को मिला. सरे (Surrey) की टीम ने डरहम के खिलाफ फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपनी पहली पारी 820/9 के स्कोर पर घोषित कर दी. यह स्कोर सरे के 180 साल पुराने इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर बन गया है, जो क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं रहा.
ओवल मैदान पर खेले जा रहे इस मुकाबले में सरे की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और दो दिन तक बैटिंग करते हुए डरहम के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की. इस पारी की सबसे बड़ी खासियत रही डॉम सिबली का 305 रनों का शानदार तिहरा शतक, जो उन्होंने 475 गेंदों में लगभग 10 घंटे तक क्रीज पर टिककर बनाया.
126 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा
सरे की टीम के लिए यह कई मायनों में ऐतिहासिक रहा. डैन लॉरेंस ने 178 रन, सैम करन ने 108 रन और विल जैक्स ने 119 रनों की तेज़तर्रार पारी खेली. कप्तान रोरी बर्न्स भी 55 रन बनाकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने में सफल रहे. इस तरह सरे की टीम ने 820 रन बनाकर 126 साल पुराना अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया. पिछला रिकॉर्ड 811 रन का था, जो 1890 के दशक में समरसेट के खिलाफ बनाया गया था.
डरहम के गेंदबाजों की हालत खराब रही. टीम ने सात गेंदबाज आजमाए लेकिन कोई भी ज्यादा असर नहीं दिखा सका. एक गेंदबाज ने तो अकेले 247 रन खर्च कर दिए और तीन गेंदबाजों ने 100 से ज्यादा रन लुटाए. हालांकि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 820 से अधिक रन पहले भी बने हैं, लेकिन सरे के लिए यह पारी एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो टीम के गौरवशाली इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई है.
क्या है काउंटी क्रिकेट?
काउंटी क्रिकेट इंग्लैंड और वेल्स में खेली जाने वाली पेशेवर घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिता है. इसमें अलग-अलग काउंटी (जिलों) की टीमें हिस्सा लेती हैं. यह फर्स्ट क्लास स्तर की क्रिकेट होती है, जिसमें टेस्ट खिलाड़ियों समेत अनुभवी और युवा खिलाड़ी भाग लेते हैं. इसे इंग्लैंड क्रिकेट का आधार माना जाता है. यह भारत की रणजी ट्राफी की या अन्य दूसरी घरेलू लीग की तरह ही है.
सूर्याकुमार यादव (फाइल फोटो)
Indian Cricket Team: भारतीय क्रिकेट के प्रशंसकों के लिए मंगलवार का दिन बेहद खास होने जा रहा है. क्रिकेट प्रेमियों को एक ही दिन में दो बड़ी खबरें मिलने वाली हैं. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पुरुषों के एशिया कप 2025 और महिला वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान करने जा रहा है. खास बात यह है कि दोनों टीमों की घोषणा अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए होगी. क्रिकेट जगत में लंबे समय से टीम चयन को लेकर चल रही अटकलों पर आज विराम लग जाएगा.
पुरुष टीम की घोषणा से पहले 19 अगस्त को मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में सीनियर सेलेक्शन कमेटी की बैठक हुई थी. चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को दोपहर 1:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी. इस दौरान भारतीय टीम के नए कप्तान सूर्यकुमार यादव और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की मौजूदगी की संभावना है.
इन दिग्गजों के नाम पर है चर्चा
इस बार एशिया कप का आयोजन 9 सितंबर से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में होगा और टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा. माना जा रहा है कि टीम सेलेक्शन इस बार कई उम्मीदों से हटकर हो सकता है. इंग्लैंड दौरे पर अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद शुभमन गिल और मोहम्मद सिराज के स्क्वॉड में जगह को लेकर संशय बना हुआ है.
वहीं, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की मौजूदा ओपनिंग जोड़ी को बरकरार रखने की संभावना है. तीसरे सलामी बल्लेबाज के रूप में यशस्वी जायसवाल मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. मिडिल ऑर्डर में तिलक वर्मा और रिंकू सिंह के नाम पर भी मुहर लग सकती है. ऑलराउंडर विकल्प के तौर पर शिवम दुबे और वॉशिंगटन सुंदर टीम का हिस्सा हो सकते हैं, जबकि दूसरे विकेटकीपर के तौर पर जितेश शर्मा के नाम पर चर्चा है.
महिला वनडे वर्ल्ड कप स्क्वॉड
महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के लिए टीम इंडिया का ऐलान मंगलवार को दोपहर 3:30 बजे किया जाएगा. इस मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान हरमनप्रीत कौर और महिला चयन समिति की अध्यक्ष नीतू डेविड मौजूद रहेंगी. वर्ल्ड कप की मेजबानी इस बार भारत कर रहा है और टूर्नामेंट की शुरुआत 30 सितंबर से होगी.
हालिया प्रदर्शन को देखते हुए महिला टीम के टॉप ऑर्डर में बदलाव की संभावना कम है. हरमनप्रीत कौर, स्मृति मांधना, जेमिमाह रॉड्रिग्स और ऋचा घोष का स्थान लगभग तय माना जा रहा है. विकेटकीपिंग के मोर्चे पर ऋचा घोष के साथ यास्तिका भाटिया दूसरा विकल्प बन सकती हैं.
फैंस की निगाहें
क्रिकेट फैन्स की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि सेलेक्टर्स किन खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हैं और किन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखाते हैं. एक ही दिन में दो टीमों के ऐलान से भारतीय क्रिकेट जगत में हलचल तेज हो गई है. फैंस की निगाहें अगले महीने होने वाले टी20 वर्ल्ड कप पर टिकी हैं.
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अफगानिस्ता को हराकर श्रीलंका की पहुंची सेमीफाइन में
SL AFG Match in Asia Cup: एशिया कप 2025 के ग्रुप-बी के आखिरी मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को जबरदस्त रोमांच देखने को मिला. गुरुवार (18 सितंबर) को अबू धाबी के शेख जायद स्टेडियम में खेले गए मैच में श्रीलंका ने अफगानिस्तान को 6 विकेट से शिकस्त देकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया. इस जीत के हीरो रहे श्रीलंका के विकेटकीपर बल्लेबाज कुसाल मेंडिस, जिन्होंने नाबाद अर्धशतक ठोका, जबकि गेंदबाजी में तेज गेंदबाज नुवान तुषारा ने अफगानिस्तान की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी.
अफगानिस्तान की लड़खड़ाती शुरुआत
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम ने मात्र 79 रन पर अपने 6 विकेट गंवा दिए थे. रहमानुल्लाह गुरबाज 14, सेदिकुल्लाह अटल 18, इब्राहिम जादरान 24 और अजमतुल्ला उमरजई सिर्फ 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. दरवेश रसूली ने 9 रन का योगदान दिया.
इस मुश्किल वक्त में कप्तान मोहम्मद नबी और स्टार ऑलराउंडर राशिद खान ने सातवें विकेट के लिए 35 रन की साझेदारी कर टीम को संभालने की कोशिश की. राशिद खान 23 गेंदों पर 24 रन बनाकर आउट हुए, तब स्कोर 114/7 था. इसके बाद नबी ने अकेले दम पर पारी का रुख बदलने की कोशिश की.
नबी की आतिशी पारी
पारी के आखिरी ओवर में अफगानिस्तान के फैंस ने जो देखा, वह यादगार रहा. 19वें ओवर के बाद अफगानिस्तान का स्कोर 137/7 था, लेकिन 20वें ओवर में नबी ने श्रीलंकाई गेंदबाज डुनिथ वेल्लालेग की धुनाई कर दी. उन्होंने इस ओवर में लगातार 5 छक्के जड़े और आखिरी गेंद पर रन आउट होने से पहले 22 गेंदों पर 60 रन की विस्फोटक पारी खेली. नबी की इस पारी में 6 छक्के और 3 चौके शामिल रहे. अफगानिस्तान ने निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट पर 169 रन बनाए.
श्रीलंका की घातक गेंदबाजी
श्रीलंका के 31 वर्षीय दाएं हाथ के तेज गेंदबाज नुवान तुषारा ने अफगानिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 18 रन देकर 4 विकेट चटकाए. उनके शिकार बने रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, गुलबदीन नईब और राशिद खान. इसके अलावा डुनिथ वेल्लालेग, नूर अहमद और उमरजई ने भी एक-एक सफलता हासिल की.
170 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. स्कोर 22 पर ही पाथुम निसांका आउट हो गए. हालांकि, इसके बाद कुसाल मेंडिस ने जिम्मेदारी संभाली और एक छोर पर डटे रहे. उन्होंने 52 गेंदों पर 74 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 10 चौके शामिल थे.
कुसाल परेरा (28 रन), चरिथ असालंका (17 रन) और कामिंदु मेंडिस (26 रन) ने भी उपयोगी पारियां खेलकर जीत आसान बना दी. श्रीलंका ने 18.4 ओवर में 4 विकेट खोकर 171 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया.
अफगानिस्तान के गेंदबाज नाकाम
अफगानिस्तान की पहचान उनकी स्पिन गेंदबाजी है, लेकिन इस मैच में उनके दिग्गज गेंदबाज विकेट नहीं निकाल सके. राशिद खान ने 4 ओवर में 23 रन दिए लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी. मोहम्मद नबी ने 3 ओवर में 20 रन देकर 1 विकेट लिया. वहीं नूर अहमद, उमरजई और मुजीब उर रहमान को 1-1 विकेट जरूर मिला.
श्रीलंका ने इस जीत के साथ ग्रुप-बी में अपनी स्थिति मजबूत की, जबकि हार के साथ अफगानिस्तान का एशिया कप 2025 का सफर यहीं समाप्त हो गया. कुसाल मेंडिस की शानदार बल्लेबाजी और नुवान तुषारा की घातक गेंदबाजी ने श्रीलंका को जीत दिलाई और टीम को टूर्नामेंट के अगले चरण में पहुंचा दिया. इस जीत के साथ ही श्रीलंका और बांग्लादेश का ग्रुप बी से सेमीफाइन का टिकट कंफर्म हो गया है.
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श्रीलंका और हांगकांग के मैच की तस्वीरें
SL vs Hong Kong Match in Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 के ग्रुप बी मुकाबले में श्रीलंका ने रोमांचक जीत दर्ज करते हुए हांगकांग को 4 विकेट से हराया. मैच में जीत जितनी महत्वपूर्ण रही, उतनी ही कठिन भी साबित हुई. हांगकांग ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 149 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया. जवाब में श्रीलंका ने सतर्क शुरुआत की और शुरुआत में विकेट गिरने के बाद संघर्ष करते हुए लक्ष्य का पीछा किया. पिच धीमी थी और रन बनाने में मुश्किलें आईं, लेकिन पाथुम निसांका की शानदार अर्धशतकीय पारी ने टीम को संकट से उबारा. अंत में वानिंदु हसारंगा की आक्रामक बल्लेबाजी ने जीत की मुहर लगाई. इस जीत के साथ श्रीलंका सुपर चार में जगह बनाने की दौड़ में खुद को मजबूती से बनाए हुए है.
पहले बल्लेबाजी करने उतरी हांगकांग की टीम ने अच्छी शुरुआत की. ओपनर जीशान अली ने तेज़ बल्लेबाजी करते हुए पहले चार ओवरों में 38 रन जोड़ दिए. उनकी आक्रामकता से टीम को शुरुआती लय मिली. हालांकि इसके बाद श्रीलंका के गेंदबाजों ने वापसी की. तेज गेंदबाज दुष्मंता चमीरा ने अपने कोटे में 29 रन देकर दो अहम विकेट हासिल किए और रन गति को रोका. वहीं स्पिनर वानिंदु हसारंगा ने बाबर हयात का विकेट लेकर टीम को और मजबूती दी. लेकिन इसके बावजूद हांगकांग की पारी को निजाकत खान और अंशुमान रथ ने संभाला. दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 61 रन की शानदार साझेदारी हुई.
निजाकत खान ने 38 गेंदों पर नाबाद 52 रन बनाकर अपनी टीम की बल्लेबाजी को मजबूती दी. उन्होंने लेग स्पिनर वानिंदु हसारंगा पर दो चौके और लांग ऑन पर एक छक्का जमाकर अपनी आक्रामकता का परिचय दिया. इसी दौरान उन्हें दो बार जीवनदान भी मिला. 17वें ओवर की दूसरी गेंद पर विकेटकीपर कुसल मेंडिस उनका आसान कैच टपका बैठे. वहीं उसी ओवर की पांचवीं गेंद पर शॉर्ट थर्ड मैन पर बेहतरीन कैच लपका गया, लेकिन गेंदबाज तुषारा ने नो-बॉल कर हांगकांग के बल्लेबाज को बचा लिया. दूसरी ओर अंशुमान रथ ने 46 गेंदों पर 48 रन बनाए. उन्होंने मैदान के दोनों ओर शॉट खेले और खासकर स्पिनर चरिथ असालंका की गेंद पर इनसाइड आउट कवर ड्राइव खेलते हुए अपनी तकनीक दिखाई.
हांगकांग ने हालांकि आखिरी ओवरों में विकेट गंवाए, लेकिन पहले चार ओवरों की तेज शुरुआत और मध्यक्रम में निजाकत–रथ की साझेदारी ने उन्हें 150 के करीब स्कोर तक पहुंचाया. अंततः हांगकांग ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 149 रन बनाए. यह स्कोर श्रीलंका के लिए आसान नहीं था, क्योंकि पिच धीमी थी और गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हो रही थी.
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम की शुरुआत संतोषजनक नहीं रही. टीम ने पहले 10 ओवर में 65 रन पर दो बड़े विकेट गंवा दिए. कुसल मेंडिस और कामिल मिशारा जल्दी आउट हो गए. ऐसे में पाथुम निसांका ने मोर्चा संभाला और कुसल परेरा के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 57 रन की साझेदारी की. निसांका ने समय देखकर आक्रामकता दिखाई और अपने बड़े शॉट स्क्वायर लेग क्षेत्र में खेलते हुए रन गति बढ़ाई. उन्हें दो बार जीवनदान मिला, एक बार 40 रन पर और दूसरी बार 60 रन पर. इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए उन्होंने 68 रन की शानदार पारी खेली और टीम को मैच में बनाए रखा.
निसांका और परेरा की साझेदारी ने श्रीलंका को मजबूती दी और अगले तीन ओवरों में 42 रन जोड़कर टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचा दिया. लेकिन इसके बाद हांगकांग ने मैच में वापसी करते हुए आठ रन के अंतराल में निसांका, परेरा, कामिंदु मेंडिस और कप्तान चरिथ असालंका का विकेट झटक लिया. एक समय श्रीलंका का स्कोर 2 विकेट पर 119 से गिरकर 6 विकेट पर 127 रन हो गया और जीत मुश्किल दिखने लगी.
ऐसे नाजुक समय में वानिंदु हसारंगा ने नाबाद 20 रन की तेज पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई. उन्होंने महज 9 गेंदों में महत्वपूर्ण रन बनाकर श्रीलंका को 18.5 ओवर में 6 विकेट पर 153 रन बनाकर लक्ष्य तक पहुंचा दिया. इस जीत के साथ श्रीलंका ने एशिया कप में अपनी सुपर चार की दौड़ को बरकरार रखा.
इस मुकाबले ने एक बार फिर दिखा दिया कि क्रिकेट में संघर्ष, साझेदारी और सही समय पर साहसी बल्लेबाजी किस तरह मैच का रुख बदल देती है. निसांका की पारी, निजाकत–रथ की साझेदारी और हसारंगा की अंतिम क्षणों की बल्लेबाजी ने इस मैच को बेहद रोमांचक और यादगार बना दिया. अब श्रीलंका सुपर चार में जगह बनाने के लिए पूरी ताकत से आगे बढ़ेगा जबकि हांगकांग की टीम ने कड़ी टक्कर देकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं.